भागलपुर की बेटी रिमी सिंह ने धरहरा में किसान महिलाओं से किया संवाद, पौध वितरण के साथ उन्नत खेती पर हुई चर्चा

Rimi Singh meeting women farmers in Dharhara village, Gopalpur, to discuss modern farming and rural development

गोपालपुर, भागलपुर | 23 सितंबर 2026

भागलपुर की मिट्टी और ग्रामीण जीवन से गहरा जुड़ाव रखने वाली भागलपुर की बेटी रिमी सिंह 23 सितंबर 2026 को भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत धरहरा गांव पहुंचीं। यहां उन्होंने किसान महिलाओं के साथ आत्मीय मुलाकात की और उनके बीच बैठकर खेती-किसानी, स्थानीय कृषि परिस्थितियों, पौध संरक्षण और ग्रामीण जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद किया।

इस दौरान किसान महिलाओं के बीच पौधों का वितरण भी किया गया। पौधे पाकर महिलाओं में उत्साह नजर आया। पौध वितरण के साथ पौधों की देखभाल, संरक्षण और उन्हें उपयुक्त स्थान पर लगाने से जुड़ी जरूरी बातों पर भी चर्चा की गई। यह पहल गांव में हरियाली, पौध संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास के रूप में सामने आई।

किसान महिलाओं के बीच बैठकर जाना खेती का अनुभव

धरहरा गांव में रिमी सिंह ने किसान महिलाओं के साथ सीधे संवाद करते हुए उनके खेती-किसानी के अनुभवों को जाना। महिलाओं ने अपने खेतों, फसलों और रोजमर्रा के कृषि कार्यों से जुड़ी बातें साझा कीं।

इस दौरान स्थानीय स्तर पर खेती में आने वाली चुनौतियों, फसल की देखभाल, सिंचाई, मिट्टी की स्थिति और पौधों के विकास से जुड़े विषयों पर बातचीत हुई। किसान महिलाओं ने अपने अनुभव और सवाल सामने रखे, जिन्हें रिमी सिंह ने ध्यानपूर्वक सुना।

यह मुलाकात इसलिए भी खास रही क्योंकि इसमें भागलपुर की ग्रामीण किसान महिलाओं का जमीनी अनुभव और कृषि से जुड़ी उनकी व्यावहारिक समझ बातचीत के केंद्र में रही।

किसान महिलाओं के बीच किया पौधों का वितरण

धरहरा गांव में हुई इस मुलाकात का एक प्रमुख आकर्षण पौध वितरण रहा। रिमी सिंह ने किसान महिलाओं को पौधे सौंपे और उन्हें नियमित देखभाल एवं संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

पौधा लगाने के बाद पर्याप्त पानी, उपयुक्त मिट्टी, आवश्यक पोषण और नियमित देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है। इसी क्रम में महिलाओं के साथ पौधों की देखभाल और उनके बेहतर विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बातचीत की गई।

महिलाओं के हाथों में पौधे और उनके बीच खेती एवं हरियाली से जुड़ी चर्चा ने कार्यक्रम को एक जीवंत ग्रामीण स्वरूप दिया।

उन्नत कृषि तकनीकों और आधुनिक खेती पर चर्चा

भागलपुर की बेटी रिमी सिंह ने किसान महिलाओं के साथ उन्नत कृषि तकनीकों और आधुनिक खेती के तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा की। बातचीत में मिट्टी की स्थिति को समझने, फसल की आवश्यकता के अनुसार पोषण प्रबंधन, सिंचाई व्यवस्था और पौधों की समय पर देखभाल जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेती में मेहनत के साथ सही जानकारी और उचित कृषि पद्धति भी महत्वपूर्ण होती है। किसान अपनी मिट्टी, फसल और स्थानीय परिस्थितियों की जरूरत को समझकर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर तरीके से उपयोग कर सकते हैं।

किसान महिलाओं ने साझा किए अपने सवाल और अनुभव

मुलाकात के दौरान किसान महिलाओं ने खेती से जुड़े अपने सवाल पूछे और अपने अनुभव भी साझा किए। भागलपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं खेती के अनेक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

बीज लगाने से लेकर पौधों की देखभाल, निराई-गुड़ाई, सिंचाई और फसल प्रबंधन तक कृषि की कई गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है। ऐसे में महिलाओं तक कृषि संबंधी नई और उपयोगी जानकारी पहुंचाना तथा उनके पारंपरिक और व्यावहारिक अनुभवों को समझना ग्रामीण कृषि संवाद का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मिट्टी, पौधे और किसान के बीच बेहतर तालमेल पर जोर

चर्चा के दौरान खेती में मिट्टी, पौधे और किसान की समझ के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर भी बात हुई। पौधे की जरूरत को समझना, मिट्टी की स्थिति के अनुरूप पौध प्रबंधन करना, पानी का संतुलित उपयोग और समय-समय पर पौधों की निगरानी बेहतर खेती के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

इस संवाद ने खेती को केवल फसल उत्पादन तक सीमित न रखते हुए पौधों को समझने, उनकी जरूरत पहचानने और सही तरीके से देखभाल करने की दिशा में भी ध्यान आकर्षित किया।

धरहरा में दिखी किसान महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

धरहरा गांव में हुई इस मुलाकात के दौरान किसान महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। महिलाएं न केवल अपनी खेती से जुड़े अनुभव साझा कर रही थीं, बल्कि पौधों और कृषि तकनीकों को लेकर अपनी जिज्ञासाएं भी सामने रख रही थीं।

भागलपुर की बेटी रिमी सिंह और धरहरा गांव की किसान महिलाओं के बीच यह संवाद ग्रामीण कृषि जीवन की उस तस्वीर को सामने लाता है, जहां पारंपरिक अनुभव, नई कृषि जानकारी और प्रकृति के प्रति जुड़ाव एक साथ दिखाई देते हैं।

भागलपुर की बेटी का अपनी मिट्टी और लोगों से जुड़ाव

रिमी सिंह के लिए यह कार्यक्रम केवल एक ग्रामीण कृषि संवाद तक सीमित नहीं रहा। भागलपुर की बेटी के रूप में अपने क्षेत्र की किसान महिलाओं के बीच पहुंचकर उनकी बात सुनना, उनके अनुभवों को समझना और उनके साथ पौध संरक्षण तथा बेहतर खेती पर चर्चा करना इस मुलाकात को एक आत्मीय स्वरूप देता है।

भागलपुर की कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन से उनका जुड़ाव इस संवाद में साफ दिखाई दिया। किसान महिलाओं के बीच बैठकर बातचीत करने और उन्हें पौधे सौंपने के माध्यम से स्थानीय स्तर पर हरियाली, कृषि जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी का संदेश भी सामने आया।

खेती की चर्चा से पौध संरक्षण तक पहुंचा संवाद

23 सितंबर 2026 को भागलपुर के धरहरा गांव में हुई यह मुलाकात केवल खेती-किसानी पर बातचीत तक सीमित नहीं रही। किसान महिलाओं से सीधा संवाद, उन्नत कृषि तकनीकों पर चर्चा और पौधों का वितरण—इन तीनों पहलुओं ने इस कार्यक्रम को विशेष बनाया।

किसान महिलाओं को पौधे सौंपना इस मुलाकात का खास क्षण रहा। इससे ग्रामीण महिलाओं को पौधों की देखभाल, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का संदेश भी मिला।

भागलपुर की धरती पर भागलपुर की बेटी रिमी सिंह और किसान महिलाओं के बीच हुआ यह संवाद उस सोच को सामने लाता है कि जब ग्रामीण महिलाओं का कृषि अनुभव, आधुनिक खेती की जानकारी और पौध संरक्षण की भावना एक साथ जुड़ती है, तो गांवों में बेहतर खेती, ज्ञान और हरियाली को आगे बढ़ाने की नई संभावनाएं बनती हैं।