प्रथम दीक्षांत समारोह में उद्योग विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुए राजीव सिंह; कृषि विशेषज्ञों के साथ बैठक में गिरिडीह के किसानों तक तकनीक, प्रशिक्षण और शोध का लाभ पहुंचाने पर हुई चर्चा
गिरिडीह। गढ़वा विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक प्रथम दीक्षांत समारोह में संसार ग्रीन के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक राजीव सिंह को उद्योग विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया गया। समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कुलाधिपति दिनेश सिंह, कुलपति डॉ. एम. के. सिंह, वरिष्ठ शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में आयोजित समारोह में राजीव सिंह ने भी मंच से अपने विचार साझा किए।
दीक्षांत समारोह के बाद राजीव सिंह ने विश्वविद्यालय के कृषि क्षेत्र से जुड़े शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के साथ विशेष बैठक की। बैठक में विश्वविद्यालय में उपलब्ध कृषि अनुसंधान, वैज्ञानिक ज्ञान और तकनीकी विशेषज्ञता को झारखंड के किसानों, विशेष रूप से गिरिडीह क्षेत्र के किसानों से जोड़ने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
राजीव सिंह ने कहा—खेतों तक पहुंचे विश्वविद्यालय का कृषि ज्ञान
बैठक में मृदा स्वास्थ्य, फसल प्रबंधन, टिकाऊ खेती, जैव एवं सूक्ष्मजीव आधारित कृषि तकनीक, किसान प्रशिक्षण, कौशल विकास और कृषि उद्यमिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
चर्चा का विशेष फोकस इस बात पर रहा कि किसानों की स्थानीय समस्याओं और खेत स्तर की वास्तविक परिस्थितियों को कृषि विशेषज्ञों तक पहुंचाया जाए तथा विश्वविद्यालयों और विशेषज्ञ संस्थानों के पास उपलब्ध वैज्ञानिक ज्ञान एवं तकनीक का व्यावहारिक लाभ किसानों तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाए।
राजीव सिंह ने कहा, “विश्वविद्यालयों में विकसित कृषि ज्ञान और तकनीक का वास्तविक लाभ तभी है, जब वह खेत और किसान तक पहुंचे। हमारा प्रयास रहेगा कि गिरिडीह सहित झारखंड के किसानों को गढ़वा विश्वविद्यालय के कृषि विशेषज्ञों, नई तकनीकों और प्रशिक्षण के अवसरों से जोड़ा जा सके।”

राजीव सिंह ने कृषि विशेषज्ञों से मृदा स्वास्थ्य और आधुनिक तकनीक पर की चर्चा
बैठक के दौरान बदलती कृषि परिस्थितियों में मृदा स्वास्थ्य सुधार और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन की आवश्यकता पर चर्चा हुई। जैविक एवं सूक्ष्मजीव आधारित कृषि तकनीकों के उपयोग, स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार समाधान विकसित करने और किसानों तक व्यावहारिक जानकारी पहुंचाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
राजीव सिंह ने कहा कि किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच नियमित संवाद विकसित होने से खेत स्तर की समस्याओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने में मदद मिल सकती है। किसानों के व्यावहारिक अनुभव और विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक विशेषज्ञता को जोड़कर स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल समाधान विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा सकता है।
किसान प्रशिक्षण और तकनीकी संवाद पर राजीव सिंह का जोर
बैठक में भविष्य में किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम, विशेषज्ञ संवाद, कृषि तकनीक प्रदर्शन और ज्ञान के आदान-प्रदान जैसी गतिविधियों के माध्यम से इस संपर्क को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
इसका उद्देश्य किसानों को केवल नई तकनीकों की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि कृषि विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद का अवसर उपलब्ध कराना भी है, ताकि वे मृदा, फसल, पोषण, उत्पादन और अन्य कृषि संबंधी समस्याओं पर वैज्ञानिक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।
राजीव सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय, कृषि विशेषज्ञ, कृषि उद्यम और किसानों के बीच बेहतर समन्वय से शोध और तकनीक का जमीनी स्तर पर उपयोग बढ़ाया जा सकता है। इससे विश्वविद्यालयों में उपलब्ध ज्ञान और किसानों के खेत स्तर के अनुभव के बीच एक प्रभावी सेतु तैयार हो सकता है।

गिरिडीह के किसानों के लिए महत्वपूर्ण अवसर : राजीव सिंह
राजीव सिंह ने गढ़वा विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में उद्योग विशेषज्ञ के रूप में शामिल होने और कृषि विशेषज्ञों के साथ संवाद के अवसर को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संस्थागत संपर्क भविष्य में गिरिडीह सहित झारखंड के किसानों को कृषि तकनीक, प्रशिक्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन से जोड़ने में उपयोगी हो सकते हैं।
संसार ग्रीन के माध्यम से भी किसानों, कृषि विशेषज्ञों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच तकनीकी संवाद को आगे बढ़ाने तथा कृषि ज्ञान को खेत स्तर तक पहुंचाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
