बगदाहा, गिरिडीह, झारखंड | 27 सितंबर 2026।
खेतों की मिट्टी से लेकर किसानों की मेहनत और गांव के भविष्य तक—कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने के उद्देश्य से ‘संसार ग्रीन’ के संस्थापक राजीव सिंह ने 27 सितंबर 2026 को बगदाहा, गिरिडीह के किसानों के साथ मुलाकात की। इस दौरान किसानों के बीच बैठकर उन्होंने खेती-किसानी से जुड़े उनके अनुभव सुने और स्थानीय कृषि परिस्थितियों, खेती की चुनौतियों तथा ग्रामीण विकास की संभावनाओं पर विस्तार से संवाद किया।
यह मुलाकात केवल खेती की चर्चा तक सीमित नहीं रही। किसानों के साथ हुए संवाद में जैविक खेती, मिट्टी का स्वास्थ्य, आधुनिक कृषि तकनीक, फसल प्रबंधन, कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बगदाहा के किसानों के बीच पहुंचकर समझा खेती का जमीनी अनुभव
बगदाहा के किसानों के साथ संवाद के दौरान राजीव सिंह ने उनकी खेती से जुड़ी वास्तविक परिस्थितियों को करीब से समझने का प्रयास किया। किसानों से उनकी फसलों, खेतों में अपनाई जा रही कृषि पद्धतियों, उपलब्ध संसाधनों और खेती के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बातचीत की गई।
किसानों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए स्थानीय स्तर पर खेती की परिस्थितियों और कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी बातें रखीं। इस संवाद में किसानों का जमीनी अनुभव प्रमुखता से सामने आया।

कृषि विकास और आधुनिक खेती पर हुई चर्चा
मुलाकात के दौरान कृषि विकास और बेहतर कृषि पद्धतियों पर विशेष चर्चा हुई। मिट्टी की स्थिति को समझना, फसल की जरूरत के अनुसार कृषि प्रबंधन करना, पौधों की देखभाल और उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग जैसे विषय बातचीत का हिस्सा रहे।
राजीव सिंह ने किसानों के साथ इस बात पर चर्चा की कि पारंपरिक कृषि अनुभव को आधुनिक कृषि तकनीकों और नई जानकारी के साथ जोड़कर खेती से जुड़े कार्यों को अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है।
जैविक खेती और मिट्टी के स्वास्थ्य पर जोर
बातचीत में जैविक खेती और मिट्टी के स्वास्थ्य को भी महत्वपूर्ण स्थान मिला। मिट्टी खेती की बुनियादी आधारशिला है और उसकी गुणवत्ता को बनाए रखना दीर्घकालिक कृषि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
किसानों के साथ खेत की मिट्टी और फसल की आवश्यकता को समझने तथा कृषि संसाधनों के संतुलित उपयोग जैसे विषयों पर भी विचार साझा किए गए। खेती में मिट्टी की भूमिका और उसके उचित प्रबंधन को लेकर किसानों के अनुभवों को भी चर्चा में शामिल किया गया।
किसानों की आवाज और अनुभव बने संवाद का केंद्र
बगदाहा के किसानों ने इस अवसर पर खेती से जुड़े अपने अनुभव, सवाल और स्थानीय परिस्थितियों को सामने रखा। किसानों की बातों को सुनते हुए कृषि से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की गई।
इस तरह का सीधा संवाद किसानों के जमीनी अनुभव और कृषि से जुड़ी नई जानकारी के बीच बेहतर तालमेल बनाने का अवसर देता है। खेतों की वास्तविक परिस्थितियों को समझकर कृषि से जुड़े विषयों पर बातचीत करना ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि विकास की दिशा को समझने में उपयोगी हो सकता है।

कृषि के साथ ग्रामीण विकास पर भी मंथन
बगदाहा में हुई यह बातचीत केवल फसल और खेती तक सीमित नहीं रही। ग्रामीण विकास और कृषि के आपसी संबंध पर भी विचार-विमर्श हुआ।
गांव की अर्थव्यवस्था में कृषि की भूमिका, किसानों की भागीदारी और कृषि आधारित ग्रामीण जीवन को मजबूत बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। कृषि को बेहतर जानकारी, तकनीक और उपलब्ध संसाधनों से जोड़ने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के व्यापक अवसरों पर भी बातचीत हुई।
‘मिट्टी से समृद्धि तक’ की सोच
‘मिट्टी से समृद्धि तक’ का विचार इस पूरे संवाद का महत्वपूर्ण भाव रहा। मिट्टी, किसान और कृषि—इन तीनों को ग्रामीण विकास से जोड़ते हुए खेती को केवल फसल उत्पादन के रूप में नहीं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था और जीवन का महत्वपूर्ण आधार मानकर चर्चा की गई।
राजीव सिंह ने किसानों के अनुभवों को सुना और कृषि से जुड़े विषयों पर उनके साथ विचार साझा किए। वहीं किसानों ने भी अपनी स्थानीय परिस्थितियों और खेती से जुड़े अनुभवों को सामने रखा।
बगदाहा से सामने आया कृषि संवाद का संदेश
27 सितंबर 2026 को बगदाहा, गिरिडीह में हुआ यह किसान संवाद कृषि, जैविक खेती, मिट्टी के स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे विषयों को एक साथ जोड़ता नजर आया।
खेतों में मेहनत करने वाले किसानों के अनुभवों को केंद्र में रखकर हुई यह बातचीत गांव की कृषि व्यवस्था को समझने और कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श का अवसर बनी।
बगदाहा की मिट्टी से जुड़े किसानों के साथ यह संवाद एक ऐसी तस्वीर सामने लाता है, जहां किसान का अनुभव, कृषि का ज्ञान और ग्रामीण विकास की सोच एक साथ दिखाई देती है—और यही संवाद ‘मिट्टी से समृद्धि तक’ की यात्रा की एक महत्वपूर्ण शुरुआत बन सकता है।
