बिरनी (गिरिडीह), झारखंड।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से संसार ग्रीन की सामाजिक एवं पर्यावरणीय पहल हरित संसार द्वारा गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड में एक विशाल प्राकृतिक खेती जागरूकता एवं किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिरनी एवं आसपास के क्षेत्रों से आए सैकड़ों किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्राकृतिक खेती की आधुनिक एवं व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में संसार ग्रीन के संस्थापक एवं हरित संसार अभियान के प्रणेता श्री राजीव सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए प्राकृतिक खेती को केवल एक कृषि पद्धति नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ मिट्टी, सुरक्षित पर्यावरण और बेहतर भविष्य का आधार बताया।
अपने प्रेरणादायक संबोधन में श्री राजीव सिंह ने कहा कि आज समय की आवश्यकता है कि किसान रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करते हुए प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर आगे बढ़ें। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अपनी भूमि की उर्वरता बढ़ाने, जल संरक्षण करने और पर्यावरण की रक्षा के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाएं।
उन्होंने कहा कि “किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि प्रकृति के सच्चे रक्षक हैं। यदि किसान प्राकृतिक खेती अपनाएंगे और प्रत्येक परिवार एक पेड़ लगाएगा, तो हमारा गांव, हमारा जिला और पूरा देश हराभरा एवं समृद्ध बन सकता है।”
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण हरित संसार पौधारोपण अभियान के अंतर्गत 700 आम के पौधों का निःशुल्क वितरण रहा। किसानों को इन पौधों का नियमित संरक्षण एवं देखभाल करने के साथ-साथ अपने गांवों में अधिक से अधिक पौधारोपण करने के लिए प्रेरित किया गया। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की दीर्घकालिक आय में वृद्धि करना तथा फलदार वृक्षों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। इनमें मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के उपाय, जैविक एवं सूक्ष्मजीव आधारित कृषि तकनीकें, जैव उर्वरकों का उपयोग, जल संरक्षण, कम लागत में अधिक उत्पादन तथा टिकाऊ कृषि प्रणाली जैसे विषय शामिल थे। किसानों ने प्रशिक्षण के दौरान अपनी समस्याएं साझा कीं तथा विशेषज्ञों से उनके व्यावहारिक समाधान प्राप्त किए।
श्री राजीव सिंह ने किसानों से हरित संसार आंदोलन से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को जनआंदोलन बनाना है। उन्होंने प्रत्येक किसान से अपने गांव में हरित दूत (Green Ambassador) बनने और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में सभी किसानों ने प्राकृतिक खेती अपनाने, अपने खेतों की मिट्टी को स्वस्थ बनाने, पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का सामूहिक संकल्प लिया।
संसार ग्रीन का हरित संसार अभियान देशभर में प्राकृतिक खेती, वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को नई दिशा देने के साथ-साथ एक स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

राजीव सिंह का संदेश
“प्राकृतिक खेती केवल खेती करने का तरीका नहीं, बल्कि धरती माता, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। आइए, हर खेत को प्राकृतिक बनाएं और हर गांव को हराभरा बनाएं।”
— राजीव सिंह
संस्थापक, संसार ग्रीन एवं हरित संसार अभियान
