किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक कदम

Rajeev Singh is interacting with farmers in a mango orchard at Gandey, Jharkhand, discussing soil health, sustainable agriculture, and plant nutrition along with the Harit Sansar and SIARD Research Institute team.

किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक कदम

गांडेय, झारखंड | दिनांक: 24 मई 2026

आज गांडेय, झारखंड के आम बागान क्षेत्र में किसानों के साथ एक महत्वपूर्ण जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मिट्टी स्वास्थ्य, पौधों के पोषण, वैज्ञानिक खेती, प्राकृतिक कृषि एवं कृषि विपणन के प्रति जागरूक बनाना था।

इस अवसर पर पर्यावरणविद्, कृषि विशेषज्ञ एवं हरित संसार (Harit Sansar) के संस्थापक राजीव सिंह ने किसानों से सीधे संवाद किया। राजीव सिंह पिछले कई वर्षों से पर्यावरण संरक्षण, इकोलॉजिकल रेस्टोरेशन, सतत कृषि, जल संरक्षण, जैविक खेती, ग्रामीण विकास एवं हरित भारत मिशन पर कार्य कर रहे हैं। वे Sansar Green, SIARD Research Institute, Erwon, Agreno एवं Harit Sansar जैसी पहलों के माध्यम से किसानों, युवाओं एवं ग्रामीण समुदायों को प्रकृति आधारित समाधान और टिकाऊ कृषि मॉडल से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान किसानों ने बताया कि आम के पौधों में पर्याप्त फल नहीं आ रहे हैं। इस समस्या को समझने के लिए SIARD Research Institute की Lab In-Charge सोनाली शर्मा ने मिट्टी के नमूने एकत्रित किए, ताकि वैज्ञानिक परीक्षण के माध्यम से मिट्टी की गुणवत्ता, पोषक तत्वों की उपलब्धता एवं पौधों की समस्याओं का विश्लेषण किया जा सके।

राजीव सिंह ने किसानों को मिट्टी की उर्वरता, जैविक कार्बन, सूक्ष्म पोषक तत्वों, पौधों के स्वास्थ्य, सिंचाई प्रबंधन एवं प्राकृतिक खेती के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि स्वस्थ मिट्टी ही मजबूत पौधों और बेहतर उत्पादन की नींव होती है। उन्होंने किसानों को यह भी बताया कि केवल रासायनिक उर्वरकों पर निर्भर रहने के बजाय मिट्टी की जैविक सक्रियता बढ़ाना आवश्यक है।

इस दौरान CA राकेश कुमार ने किसानों को कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग, मूल्य संवर्धन एवं बाजार से सीधे जुड़ने के आधुनिक तरीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म, किसान उत्पादक समूह एवं स्थानीय बाजार नेटवर्क के माध्यम से आय बढ़ाने के उपाय बताए।

राजीव सिंह ने किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि आने वाला समय टिकाऊ कृषि, जैविक खेती और पर्यावरण संतुलन का है। यदि किसान वैज्ञानिक जानकारी, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और आधुनिक विपणन रणनीतियों को अपनाते हैं, तो वे आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं।

यह कार्यक्रम किसानों, शोधकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों के बीच एक मजबूत सहयोग का उदाहरण बना। हरित संसार एवं SIARD Research Institute भविष्य में भी किसानों के साथ मिलकर मिट्टी सुधार, पौधारोपण, जल संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण और सतत ग्रामीण विकास के लिए कार्य करते रहेंगे।

“स्वस्थ मिट्टी, स्वस्थ पौधे और समृद्ध किसान — यही आत्मनिर्भर भारत और हरित भविष्य का आधार है।”

#RajeevSingh #HaritSansar #SIARD #SansarGreen #Environmentalist #EcologicalRestoration #SustainableAgriculture #OrganicFarming #SoilHealth #FarmersEmpowerment #Jharkhand #MangoOrchard #GreenIndia #RuralDevelopment #ClimateAction #WaterConservation #Agroforestry #NaturalFarming #sansargreen #rimigarden #erwon #agreno #sovata #sansarorganics #sansaragro #rajeevsansar #SIARD #haritsansar #agreno #rajeevsingh

Leave a Reply