बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में छात्रों से मिले राजीव सिंह, कृषि के भविष्य और हरित संसार अभियान पर किया संवाद
सबौर, भागलपुर | 27 मई 2026
प्रख्यात कृषि उद्यमी, पर्यावरणविद् एवं हरित संसार (Harit Sansar) पौधारोपण आंदोलन के संस्थापक राजीव सिंह ने 27 मई 2026 को बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने बी.एससी. कृषि (2025–2029 बैच) के छात्रों के साथ संवाद स्थापित किया और उन्हें कृषि, पर्यावरण संरक्षण तथा कृषि उद्यमिता के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं के बारे में मार्गदर्शन दिया।
संवाद के दौरान राजीव सिंह ने छात्रों को बताया कि आज की कृषि केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तकनीक, नवाचार, उद्यमिता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक व्यापक क्षेत्र बन चुकी है। उन्होंने छात्रों को कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, स्टार्टअप संस्कृति और सतत विकास के महत्व को समझने के लिए प्रेरित किया।
कृषि का भविष्य नवाचार और तकनीक में
राजीव सिंह ने कहा कि आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन, प्रिसिजन फार्मिंग, जैविक खेती, बायोफर्टिलाइजर, बायोपेस्टिसाइड और जलवायु-अनुकूल कृषि तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं को नवाचार और समस्या समाधान के लिए तैयार करें।
उन्होंने कहा कि भारत के युवा कृषि वैज्ञानिक और कृषि स्नातक किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
हरित संसार आंदोलन की जानकारी
छात्रों को संबोधित करते हुए राजीव सिंह ने अपने पर्यावरणीय अभियान हरित संसार पौधारोपण आंदोलन के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा समाज में हरित चेतना का विकास करना है।
उन्होंने कहा कि कृषि और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो कृषि भी समृद्ध होगी। इसी सोच के साथ हरित संसार अभियान देशभर में वृक्षारोपण और पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन (Ecological Restoration) के कार्यों को बढ़ावा दे रहा है।
छात्रों को दिया उद्यमिता का संदेश
राजीव सिंह ने छात्रों को कृषि आधारित स्टार्टअप, जैविक इनपुट निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, एग्रीटेक समाधान, ग्रामीण विकास और पर्यावरणीय उद्यमों में अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में कृषि क्षेत्र में रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता की अपार संभावनाएँ हैं।
प्रेरणादायक संवाद
कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने कृषि शिक्षा, स्टार्टअप, करियर निर्माण, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। राजीव सिंह ने सभी प्रश्नों के उत्तर देते हुए छात्रों को निरंतर सीखने, नवाचार अपनाने और समाज के लिए सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया।
यह संवाद छात्रों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा और उन्हें कृषि, पर्यावरण तथा उद्यमिता के क्षेत्र में नई दिशा और ऊर्जा प्रदान कर गया।

