धनबाद, अप्रैल 2026: झारखंड के लिए गर्व का विषय है कि संसार ग्रीन मिशन प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं निदेशक राजीव सिंह को देश के प्रतिष्ठित रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) मेले IInvenTiv 2026 में इंडस्ट्री एक्सपर्ट के रूप में आमंत्रित किया गया। इस उपलब्धि को दैनिक हिन्दुस्तान (झारखंड संस्करण) ने प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिससे झारखंड के नवाचार और कृषि क्षेत्र में हो रहे कार्यों को राष्ट्रीय पहचान मिली।
IInvenTiv 2026 का आयोजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम), धनबाद में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में किया गया। इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर के प्रमुख वैज्ञानिक, शोधकर्ता, स्टार्टअप, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निवेशक तथा शिक्षाविद एक मंच पर एकत्रित हुए और नवीन शोध एवं तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
राजीव सिंह को सतत कृषि, जैव उर्वरक (Biofertilizers), कृषि नवाचार, हरित प्रौद्योगिकी तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए इंडस्ट्री एक्सपर्ट के रूप में आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद कर कृषि अनुसंधान को किसानों तक पहुँचाने, तकनीकी हस्तांतरण तथा शोध के व्यावसायीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।
राजीव सिंह ने इस अवसर पर “हरित संसार” अभियान और संसार ग्रीन मिशन की विभिन्न पहलों की जानकारी देते हुए कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ सीधे किसानों और समाज तक पहुँचे। उन्होंने कृषि में नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास के लिए उद्योग एवं शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
दैनिक हिन्दुस्तान में प्रकाशित यह समाचार न केवल राजीव सिंह की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह झारखंड के नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और कृषि उद्यमिता के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह सम्मान दर्शाता है कि राज्य के युवा उद्यमी अब राष्ट्रीय स्तर पर शोध, नवाचार और हरित विकास के क्षेत्र में अपनी प्रभावशाली पहचान बना रहे हैं।
संसार ग्रीन मिशन के माध्यम से राजीव सिंह का उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान को किसानों के लिए उपयोगी तकनीकों में बदलना, जैविक एवं प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देना तथा “हरित संसार” के संकल्प के साथ भारत को अधिक हरित, आत्मनिर्भर और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में योगदान देना है।
