Harit Sansar | Tree Plantation Movement by Rajeev Singh & Sansar Green https://haritsansar.com/tag/prabhat-khabar/ (मिलकर लाएँ हरियाली) Sun, 11 Oct 2026 06:53:26 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 https://haritsansar.com/wp-content/uploads/2026/05/cropped-Logo-harit-sansar-32x32.png Harit Sansar | Tree Plantation Movement by Rajeev Singh & Sansar Green https://haritsansar.com/tag/prabhat-khabar/ 32 32 पारंपरिक आदिवासी ज्ञान को शोध और संरक्षण से जोड़ने की पहल, प्रभात खबर में राजीव सिंह का होड़ोपैथी अभियान https://haritsansar.com/prabhat-khabar-rajeev-singh-hodopathy-research-conservation/ Sun, 11 Oct 2026 06:53:26 +0000 https://haritsansar.com/?p=2219 प्रभात खबर | झारखंड संस्करण | 9 अक्टूबर 2026 झारखंड के आदिवासी समुदायों की सदियों पुरानी पारंपरिक ज्ञान-विरासत को वैज्ञानिक अनुसंधान, औषधीय पौधों और जंगलों के संरक्षण से जोड़ने की पर्यावरणविद् एवं कृषि उद्यमी राजीव सिंह की पहल को प्रभात Read More ...

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प्रभात खबर | झारखंड संस्करण | 9 अक्टूबर 2026

झारखंड के आदिवासी समुदायों की सदियों पुरानी पारंपरिक ज्ञान-विरासत को वैज्ञानिक अनुसंधान, औषधीय पौधों और जंगलों के संरक्षण से जोड़ने की पर्यावरणविद् एवं कृषि उद्यमी राजीव सिंह की पहल को प्रभात खबर ने अपने 9 अक्टूबर 2026 के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। समाचार में होड़ोपैथी संरक्षण अभियान, पारंपरिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयासों को विशेष स्थान दिया गया।

गिरिडीह में आयोजित कार्यक्रम में Hodopathy.org, Hodopathy.in और Hodopathy.com का शुभारंभ किया गया। इन डिजिटल मंचों के माध्यम से आदिवासी बुजुर्गों, पारंपरिक वैद्यों और स्थानीय ज्ञानधारकों के अनुभवों को संकलित कर सुरक्षित रखने की योजना है। इसका उद्देश्य पीढ़ियों से मौखिक परंपराओं के माध्यम से संरक्षित ज्ञान को व्यवस्थित रूप से दस्तावेजीकृत करना तथा भविष्य में अध्ययन और संरक्षण के लिए उपयोगी आधार तैयार करना है।

प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, अभियान तीन चरणों में आगे बढ़ेगा। पहले चरण में पारंपरिक ज्ञान का डिजिटल संग्रह तैयार किया जाएगा। दूसरे चरण में अनुभवी वैद्यों के अनुभवों और औषधीय वनस्पतियों पर आधारित पुस्तक प्रकाशित करने की योजना है। तीसरे चरण में युवाओं को औषधीय पौधों की पहचान, संरक्षण और दस्तावेजीकरण का प्रशिक्षण देने के साथ शोध संस्थानों के सहयोग से वैज्ञानिक अध्ययन की संभावनाओं पर कार्य किया जाएगा।

इस अभियान से गांडेय स्थित होड़ोपैथी पार्क को भी जोड़ा गया है, जहां औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण और संवर्धन के साथ स्थानीय जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य है। यह पहल पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण को उससे जुड़े प्राकृतिक संसाधनों, जंगलों और पर्यावरणीय संतुलन से जोड़ती है।

राजीव सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि आदिवासी समुदायों के पारंपरिक ज्ञान को बचाने के लिए उन औषधीय पौधों और जंगलों का संरक्षण भी आवश्यक है, जिनसे यह ज्ञान पीढ़ियों से जुड़ा रहा है। अभियान में ज्ञानधारकों की सहमति, अधिकारों और योगदान के सम्मान को प्राथमिकता देते हुए बुजुर्गों के अनुभवों, युवाओं की भागीदारी और वैज्ञानिक अनुसंधान के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।

होड़ोपैथी संरक्षण की इस पहल को प्रमुखता से प्रकाशित करने के लिए प्रभात खबर का आभार। यह मीडिया कवरेज झारखंड की आदिवासी ज्ञान-विरासत, औषधीय वनस्पतियों और वन जैव विविधता के संरक्षण के प्रति व्यापक जागरूकता बढ़ाने में सहायक होगी।

साभार: प्रभात खबर, झारखंड संस्करण, 9 अक्टूबर 2026।

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